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Showing posts with the label Someone Somewhere

देखा तो मेरा साया भी - Dekha To Mera Saaya Bhi (Jagjit Singh, Someone Somewhere)

Movie/Album: समवन समवेयर (1996) Music By: जगजीत सिंह Lyrics By: अयाज़ झांसवी Performed By: जगजीत सिंह देखा तो मेरा साया भी मुझ से जुदा मिला सोचा तो हर किसी से मेरा सिलसिला मिला देखा तो मेरा साया भी... शहर-ए-वफ़ा में अब किसे अहल-ए-वफ़ा कहें हमसे गले मिला तो वो ही बेवफ़ा मिला देखा तो मेरा... फ़ुर्सत किसे थी जो मेरे हालात पूछता हर शख़्स अपने बारे में कुछ सोचता मिला देखा तो मेरा... उसने तो ख़ैर अपनों से मोड़ा था मुँह 'अयाज़' मैंने ये क्या किया कि मैं ग़ैरों से जा मिला देखा तो मेरा...

फ़ासिला तो है मगर - Faasla To Hai Magar (Chitra Singh, Jagjit Singh, Someone Somewhere)

Movie/Album: समवन समवेयर (1986) Music By: जगजीत सिंह Lyrics By: शमीम करहानी Performed By: चित्रा सिंह, जगजीत सिंह फ़ासिला तो है मगर, कोई फ़ासिला नहीं मुझ से तुम जुदा सही, दिल से तो जुदा नहीं फ़ासिला तो है मगर... आसमाँ की फ़िक्र क्या, आसमाँ ख़फ़ा सही आप ये बताइए, आप तो ख़फ़ा नहीं कश्तियाँ नहीं तो क्या, हौसले तो पास हैं कह दो ना ख़ुदाओं से, तुम कोई ख़ुदा नहीं लीजिए बुला लिया, आपको ख्याल में अब तो देखिए हमें, कोई देखता नहीं आइए चराग़-ए-दिल, आज ही जलाएँ हम कैसी कल हवा चले, कोई जानता नहीं फ़ासिला तो है मगर...

कोई समझेगा क्या - Koi Samjhega Kya (Jagjit Singh, Chitra Singh, Someone Somewhere)

Movie/Album: समवन समवेयर (1986) Music By: जगजीत सिंह Lyrics By: फ़ना निज़ामी Performed By: जगजीत सिंह, चित्रा सिंह कोई समझेगा क्या राज़-ए-गुलशन जब तक उलझे ना काँटों से दामन यक-ब-यक सामने आना जाना रुक न जाए कहीं दिल की धड़कन कोई समझेगा क्या... गुल तो गुल, ख़ार तक चुन लिए हैं फिर भी खाली है गुलचीं का दामन कोई समझेगा क्या... कितनी आराइश-ए-आशियाना टूट जाए ना शाख़-ए-नशेमन कोई समझेगा क्या... अज़मत-ए-आशियाना बढ़ा दी बर्क़ को दोस्त समझूँ के दुश्मन कोई समझेगा क्या...

मेरी ज़िन्दगी किसी और की - Meri Zindagi Kisi Aur Ki (Jagjit Singh, Someone Somewhere)

Movie/Album: समवन समवेयर (1996) Music By: जगजीत सिंह Lyrics By: मुज़फ्फर वारसी Performed By: जगजीत सिंह मेरी ज़िन्दगी किसी और की मेरे नाम का कोई और है मेरा अक्स है सर-ए-आईना पस-ए-आइना कोई और है मेरी धड़कनों में है चाप-सी ये जुदाई भी है मिलाप-सी मुझे क्या पता, मेरे दिल बता मेरे साथ क्या कोई और है मेरी ज़िन्दगी किसी और की... न गए दिनों को ख़बर मेरी न शरीक-ए-हाल नज़र तेरी तेरे देस में, मेरे भेस में कोई और था कोई और है मेरी ज़िन्दगी किसी और की... वो मेरी तरफ़ निगराँ रहे मेरा ध्यान जाने कहाँ रहे मेरी आँख में कई सूरतें मुझे चाहता कोई और है मेरी ज़िन्दगी किसी और की...

आदमी आदमी को - Aadmi Aadmi Ko (Jagjit, Chitra Singh, Someone Somewhere)

Movie/Album: समवन समवेयर (1986) Music By: जगजीत सिंह Lyrics By: सुदर्शन फ़ाकिर Performed By: जगजीत सिंह, चित्रा सिंह आदमी आदमी को क्या देगा जो भी देगा वही ख़ुदा देगा मेरा क़ातिल ही मेरा मुन्सिब है क्या मेरे हक़ में फ़ैसला देगा आदमी आदमी को... ज़िन्दगी को क़रीब से देखो इसका चेहरा तुम्हें रुला देगा आदमी आदमी को... हमसे पूछो न दोस्ती का सिला दुश्मनों का भी दिल हिला देगा आदमी आदमी को... इश्क़ का ज़हर पी लिया 'फ़ाकिर' अब मसीहा भी क्या दवा देगा आदमी आदमी को...