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तेरे निसार साक़िया - Tere Nisaar Saaqiya (Jagjit Singh, Visions)

Movie/Album: विज़न्स वॉल्यूम १ (1992) Music By: जगजीत सिंह Lyrics By: रुस्तम सहगल वफ़ा Performed By: जगजीत सिंह तेरे निसार साक़िया जितनी पियूँ, पिलाए जा मस्त नज़र का वास्ता मस्त मुझे बनाए जा तेरे निसार साक़िया... तुझ को किसी से ग़र्ज़ क्या बिजली कहीं गिराए जा दिल जले या जिगर जले तू यूँ ही मुस्कुराए जा तेरे निसार साक़िया... सामने मेरे आ के देख रुख़ से नक़ाब हटा के देख ख़िरमन-ए-दिल है मुन्तज़िर बर्क़-ए-नज़र गिराए जा तेरे निसार साक़िया... वफ़ा-ए-बदनसीब को बख़्शा है तूने दर्द जो है कोई इसकी भी दवा इतना ज़रा बताये जा तेरे निसार साक़िया...

नज़र नज़र से मिला कर - Nazar Nazar Se Mila Kar (Jagjit Singh, Visions)

Movie/Album: विज़न्स (1992) Music By: जगजीत सिंह Lyrics By: तसनीम फ़ारूक़ी Performed By: जगजीत सिंह नज़र नज़र से मिला कर शराब पीते हैं हम उनको पास बिठा कर शराब पीते हैं नज़र नज़र से... इसी लिए तो अँधेरा है मैकदे में बहुत यहाँ घरों को जला कर शराब पीते हैं नज़र नज़र से... हमें तुम्हारे सिवा कुछ नज़र नहीं आता तुम्हें नज़र में सजा कर शराब पीते हैं नज़र नज़र से... उन्हीं के हिस्से में आती है, प्यास ही अक्सर जो दूसरों को पिला कर शराब पीते हैं नज़र नज़र से...

दर्द-ए-दिल में - Darde Dil Mein (Jagjit Singh, Visions)

Movie/Album: विज़न्स (1992) Music By: जगजीत सिंह Lyrics By: बेख़ुद बदायुनी Performed By: जगजीत सिंह दर्द-ए-दिल में कमी न हो जाए दोस्ती दुश्मनी न हो जाए तुम मेरी दोस्ती का दम न भरो आसमाँ मुद्दई न हो जाए दर्द-ए-दिल में... बैठता है हमेशा रिन्दों में कहीं ज़ाहिद, वली न हो जाए दर्द-ए-दिल में... अपनी ख़ू-ए-वफ़ा से डरता हूँ आशिक़ी बंदगी न हो जाए दर्द-ए-दिल में...

ना कह साक़ी - Na Keh Saaqi (Jagjit Singh, Visions Vol.1)

Movie/Album: विज़न्स वॉल् १ (1992) Music By: जगजीत सिंह Lyrics By: बेख़ुद देहलवी Performed By: जगजीत सिंह ना कह साक़ी, बहार आने के दिन हैं जिगर के दाग़ छिल जाने के दिन हैं अदा सीखो, अदा आने के दिन हैं अभी तो दूर शरमाने के दिन हैं गरेबाँ ढूँढ़ते हैं हाथ मेरे चमन में फूल खिल जाने के दिन हैं ना कह साकी... तुम्हें राज़-ए-मोहब्बत क्या बताएँ तुम्हारे खेलने-खाने के दिन हैं घटाएँ ऊंदी-ऊंदी कह रही हैं मय-ए-अंगूर खिंचवाने के दिन हैं ना कह साकी...

कौन आया रास्ते - Kaun Aaya Raaste (Jagjit Singh, Visions Vol.2)

Movie/Album: विज़न्स वॉल्यूम २ (1992) Music By: जगजीत सिंह Lyrics By: बशीर बद्र Performed By: जगजीत सिंह कौन आया, रास्ते आईना-ख़ाने हो गए रात रौशन हो गई, दिन भी सुहाने हो गए कौन आया... ये भी मुमकिन है कि मैंने उसको पहचाना न हो अब उसे देखे हुए, कितने ज़माने हो गए रात रौशन हो गई... जाओ उन कमरों के आईने उठाकर फेंक दो बे-अदब ये कह रहें हैं, हम पुराने हो गए रात रौशन हो गई... मेरी पलकों पर ये आँसू, प्यार की तौहीन हैं उसकी आँखों से गिरे, मोती के दाने हो गए रात रौशन हो गई...

कभी-कभी यूँ भी - Kabhi Kabhi Yun Bhi (Jagjit Singh, Visions Vol.1)

Movie/Album: विज़न्स वॉल्यूम 1 (1992) Music By: जगजीत सिंह Lyrics By: निदा फ़ाज़ली Performed By: जगजीत सिंह कभी-कभी यूँ भी हमने अपने जी को बहलाया है जिन बातों को ख़ुद नहीं समझे औरों को समझाया है कभी-कभी यूँ भी हमने... हमसे पूछो इज़्ज़त वालों की इज़्ज़त का हाल कभी हमने भी इस शहर में रह कर थोड़ा नाम कमाया है कभी-कभी यूँ भी... उससे बिछड़े बरसों बीते लेकिन आज न जाने क्यूँ आँगन में हँसते बच्चों को बे-कारण धमकाया है कभी-कभी यूँ भी... कोई मिला तो हाथ मिलाया कहीं गए तो बातें की घर से बाहर जब भी निकले दिन भर बोझ उठाया है कभी-कभी यूँ भी...