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थोड़ी थोड़ी पिया करो - Thodi Thodi Piya Karo (Pankaj Udhas, Nasha)

Movie/Album: नशा (1997) Music By: पंकज उदास Lyrics By: एस राकेश Performed By: पंकज उदास ये इंतज़ार ग़लत है के शाम हो जाए जो हो सके तो अभी दौर-ए-जाम हो जाए मुझ जैसे रिंद को भी तूने हश्र में, या रब बुला लिया है तो कुछ इंतिज़ाम हो जाये हुई महँगी बहुत ही शराब के थोड़ी थोड़ी पिया करो पियो लेकिन रखो हिसाब के थोड़ी थोड़ी पिया करो ग़म का दौर हो या हो खुशी समाँ बाँधती है शराब एक मशवरा है जनाब के थोड़ी थोड़ी पिया करो दिल के ज़ख्मों को सीना क्या पीने के लिये जीना क्या फूँक डाले जिगर को शराब के थोड़ी थोड़ी पिया करो दिलबर की बातों में नशा ज़ुल्फ़ों में नशा, आँखों में नशा मय से बढ़ के उसका शबाब के थोड़ी थोड़ी पिया करो

साया बन कर साथ चलेंगे - Saaya Ban Kar Saath Chalenge (Pankaj Udhas, Mahek)

Movie/Album: महक (1999) Music By: घनी मोहम्मद, अली Lyrics By: हस्तीमल "हस्ती" Performed By: पंकज उदास साया बन कर साथ चलेंगे इसके भरोसे मत रहना अपने हमेशा अपने रहेंगे इसके भरोसे मत रहना साया बन कर साथ चलेंगे... सावन का महीना आते ही बादल तो छा जाएँगे हर हाल में लेकिन बरसेंगे इसके भरोसे मत रहना साया बन कर साथ चलेंगे... सूरज की मानिंद सफ़र पे रोज़ निकलना पड़ता है बैठे-बैठे दिन बदलेंगे इसके भरोसे मत रहना साया बन कर साथ चलेंगे... बहती नदी में कच्चे घड़े हैं रिश्ते, नाते, हुस्न, वफ़ा दूर तलक ये बहते रहेंगे इसके भरोसे मत रहना साया बन कर साथ चलेंगे...

तेरे निसार साक़िया - Tere Nisaar Saaqiya (Jagjit Singh, Visions)

Movie/Album: विज़न्स वॉल्यूम १ (1992) Music By: जगजीत सिंह Lyrics By: रुस्तम सहगल वफ़ा Performed By: जगजीत सिंह तेरे निसार साक़िया जितनी पियूँ, पिलाए जा मस्त नज़र का वास्ता मस्त मुझे बनाए जा तेरे निसार साक़िया... तुझ को किसी से ग़र्ज़ क्या बिजली कहीं गिराए जा दिल जले या जिगर जले तू यूँ ही मुस्कुराए जा तेरे निसार साक़िया... सामने मेरे आ के देख रुख़ से नक़ाब हटा के देख ख़िरमन-ए-दिल है मुन्तज़िर बर्क़-ए-नज़र गिराए जा तेरे निसार साक़िया... वफ़ा-ए-बदनसीब को बख़्शा है तूने दर्द जो है कोई इसकी भी दवा इतना ज़रा बताये जा तेरे निसार साक़िया...

नज़र नज़र से मिला कर - Nazar Nazar Se Mila Kar (Jagjit Singh, Visions)

Movie/Album: विज़न्स (1992) Music By: जगजीत सिंह Lyrics By: तसनीम फ़ारूक़ी Performed By: जगजीत सिंह नज़र नज़र से मिला कर शराब पीते हैं हम उनको पास बिठा कर शराब पीते हैं नज़र नज़र से... इसी लिए तो अँधेरा है मैकदे में बहुत यहाँ घरों को जला कर शराब पीते हैं नज़र नज़र से... हमें तुम्हारे सिवा कुछ नज़र नहीं आता तुम्हें नज़र में सजा कर शराब पीते हैं नज़र नज़र से... उन्हीं के हिस्से में आती है, प्यास ही अक्सर जो दूसरों को पिला कर शराब पीते हैं नज़र नज़र से...

दर्द-ए-दिल में - Darde Dil Mein (Jagjit Singh, Visions)

Movie/Album: विज़न्स (1992) Music By: जगजीत सिंह Lyrics By: बेख़ुद बदायुनी Performed By: जगजीत सिंह दर्द-ए-दिल में कमी न हो जाए दोस्ती दुश्मनी न हो जाए तुम मेरी दोस्ती का दम न भरो आसमाँ मुद्दई न हो जाए दर्द-ए-दिल में... बैठता है हमेशा रिन्दों में कहीं ज़ाहिद, वली न हो जाए दर्द-ए-दिल में... अपनी ख़ू-ए-वफ़ा से डरता हूँ आशिक़ी बंदगी न हो जाए दर्द-ए-दिल में...

देखा तो मेरा साया भी - Dekha To Mera Saaya Bhi (Jagjit Singh, Someone Somewhere)

Movie/Album: समवन समवेयर (1996) Music By: जगजीत सिंह Lyrics By: अयाज़ झांसवी Performed By: जगजीत सिंह देखा तो मेरा साया भी मुझ से जुदा मिला सोचा तो हर किसी से मेरा सिलसिला मिला देखा तो मेरा साया भी... शहर-ए-वफ़ा में अब किसे अहल-ए-वफ़ा कहें हमसे गले मिला तो वो ही बेवफ़ा मिला देखा तो मेरा... फ़ुर्सत किसे थी जो मेरे हालात पूछता हर शख़्स अपने बारे में कुछ सोचता मिला देखा तो मेरा... उसने तो ख़ैर अपनों से मोड़ा था मुँह 'अयाज़' मैंने ये क्या किया कि मैं ग़ैरों से जा मिला देखा तो मेरा...

ना कह साक़ी - Na Keh Saaqi (Jagjit Singh, Visions Vol.1)

Movie/Album: विज़न्स वॉल् १ (1992) Music By: जगजीत सिंह Lyrics By: बेख़ुद देहलवी Performed By: जगजीत सिंह ना कह साक़ी, बहार आने के दिन हैं जिगर के दाग़ छिल जाने के दिन हैं अदा सीखो, अदा आने के दिन हैं अभी तो दूर शरमाने के दिन हैं गरेबाँ ढूँढ़ते हैं हाथ मेरे चमन में फूल खिल जाने के दिन हैं ना कह साकी... तुम्हें राज़-ए-मोहब्बत क्या बताएँ तुम्हारे खेलने-खाने के दिन हैं घटाएँ ऊंदी-ऊंदी कह रही हैं मय-ए-अंगूर खिंचवाने के दिन हैं ना कह साकी...

मेरी ज़िन्दगी किसी और की - Meri Zindagi Kisi Aur Ki (Jagjit Singh, Someone Somewhere)

Movie/Album: समवन समवेयर (1996) Music By: जगजीत सिंह Lyrics By: मुज़फ्फर वारसी Performed By: जगजीत सिंह मेरी ज़िन्दगी किसी और की मेरे नाम का कोई और है मेरा अक्स है सर-ए-आईना पस-ए-आइना कोई और है मेरी धड़कनों में है चाप-सी ये जुदाई भी है मिलाप-सी मुझे क्या पता, मेरे दिल बता मेरे साथ क्या कोई और है मेरी ज़िन्दगी किसी और की... न गए दिनों को ख़बर मेरी न शरीक-ए-हाल नज़र तेरी तेरे देस में, मेरे भेस में कोई और था कोई और है मेरी ज़िन्दगी किसी और की... वो मेरी तरफ़ निगराँ रहे मेरा ध्यान जाने कहाँ रहे मेरी आँख में कई सूरतें मुझे चाहता कोई और है मेरी ज़िन्दगी किसी और की...

शेख़ जी - Sheikh Ji (Jagjit Singh, Face To Face)

Movie/Album: फेस टु फेस (1994) Music By: जगजीत सिंह Lyrics By: सुदर्शन फ़ाकिर Performed By: जगजीत सिंह शेख़ जी थोड़ी-सी पी कर आइए मय है क्या शै फिर हमें बतलाइए शेख़ जी थोड़ी... आप क्यूँ हैं सारी दुनिया से जुदा आप भी दुश्मन मेरे बन जाइए शेख जी थोड़ी... क्या है अच्छा क्या बुरा, बन्दा नवाज़ आप समझें तो हमें समझाइए शेख जी थोड़ी... जाने दीजे अक्ल की बातें जनाब दिल की सुनिये और पीते जाइए शेख जी थोड़ी... उलझने दुनिया की सुलझा लेंगे हम आप अपनी ज़ुल्फ़ तो सुलझाइए शेख़ जी थोड़ी...

कौन आया रास्ते - Kaun Aaya Raaste (Jagjit Singh, Visions Vol.2)

Movie/Album: विज़न्स वॉल्यूम २ (1992) Music By: जगजीत सिंह Lyrics By: बशीर बद्र Performed By: जगजीत सिंह कौन आया, रास्ते आईना-ख़ाने हो गए रात रौशन हो गई, दिन भी सुहाने हो गए कौन आया... ये भी मुमकिन है कि मैंने उसको पहचाना न हो अब उसे देखे हुए, कितने ज़माने हो गए रात रौशन हो गई... जाओ उन कमरों के आईने उठाकर फेंक दो बे-अदब ये कह रहें हैं, हम पुराने हो गए रात रौशन हो गई... मेरी पलकों पर ये आँसू, प्यार की तौहीन हैं उसकी आँखों से गिरे, मोती के दाने हो गए रात रौशन हो गई...

दोस्ती जब किसी से - Dosti Jab Kisi Se (Jagjit Singh, In Search)

Movie/Album: इन सर्च (1996) Music By: जगजीत सिंह Lyrics By: राहत इंदौरी Performed By: जगजीत सिंह दोस्ती जब किसी से की जाए दुश्मनों की भी राय ली जाए मौत का ज़हर है फ़िज़ाओं में अब कहाँ जा के साँस ली जाए दुश्मनों की... बस इसी सोच में हूँ डूबा हुआ ये नदी कैसे पार की जाए दुश्मनों की... मेरे माज़ी के ज़ख़्म भरने लगे आज फिर कोई भूल की जाए दुश्मनों की... बोतलें खोल के तो पी बरसों आज दिल खोल कर भी पी जाए दुश्मनों की...

कभी-कभी यूँ भी - Kabhi Kabhi Yun Bhi (Jagjit Singh, Visions Vol.1)

Movie/Album: विज़न्स वॉल्यूम 1 (1992) Music By: जगजीत सिंह Lyrics By: निदा फ़ाज़ली Performed By: जगजीत सिंह कभी-कभी यूँ भी हमने अपने जी को बहलाया है जिन बातों को ख़ुद नहीं समझे औरों को समझाया है कभी-कभी यूँ भी हमने... हमसे पूछो इज़्ज़त वालों की इज़्ज़त का हाल कभी हमने भी इस शहर में रह कर थोड़ा नाम कमाया है कभी-कभी यूँ भी... उससे बिछड़े बरसों बीते लेकिन आज न जाने क्यूँ आँगन में हँसते बच्चों को बे-कारण धमकाया है कभी-कभी यूँ भी... कोई मिला तो हाथ मिलाया कहीं गए तो बातें की घर से बाहर जब भी निकले दिन भर बोझ उठाया है कभी-कभी यूँ भी...