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हमराह - Humraah (Sachet Tandon, Malang)

Movie/Album: मलंग (2020) Music By: द फ्यूज़न प्रोजेक्ट Lyrics By: कुणाल वर्मा Performed By: सचेत टंडन दिल को, जाने ये क्या हुआ मिल के, अपना सा तू लगा कैसे, मैं करूँ बयाँ तुमसे ये जुनूँ है या गुमाँ ऐसे मुझे तुम मिले, तुम मिले जैसे कोई दिन खिले, दिन खिले जाने कहाँ हम चले, हम चले चाहे जो भी दिल करे, दिल करे जिस राह, जिस राह भी जाऊँ तुझको, तुझको ही चाहूँ हमराह अब से मेरा तू हमराह मैं भी तेरा हूँ जिस राह, जिस राह भी जाऊँ... अहसानमंद है, दिल अब से ये तेरा ये मर्ज़ कैसा है, क्या नाम दूँ बता कोई, जाने ना दूसरा समझे, तू ही मेरी ज़ुबाँ मैंने, मुझ सा दीवानापन ओ देखा, ना कहीं तेरे सिवा तुझ से दिन शुरू शामें ढलें अब तो नज़र से भी ना तू हटे जितनी हैं फ़ुरसतें, फ़ुरसतें दे दूँ सारी मैं तुझे, तू मुझे जिस राह... अहसानमंद है, दिल अब से ये तेरा ये मर्ज़ कैसा है, क्या नाम दूँ बता डर की दीवारें टूटी, दिल का जहां दिखा है आँखों ने आज देखा, ख़्वाबों का आसमाँ है तेरा, करता हूँ शुक्रिया जिस राह, जिस राह भी जाऊँ... अहसानमंद है दिल अब से ये तेरा ये मर्ज़ कैसा है, क्या नाम दूँ बता

फिर ना मिलें कभी - Phir Na Milen Kabhi (Ankit Tiwari, Malang)

Movie/Album: मलंग (2020) Music By: अंकित तिवारी Lyrics By: प्रिंस दुबे Performed By: अंकित तिवारी अब के गए घर से जो तेरे फिर ना लौट आऊँगा तू भी मुझे भूल जाना मैं भी भूल जाऊँगा अब के गए घर से... चलते-चलते करता सलाम आख़िरी रब से अब तो मांगूँ बस दुआ यही हम फिर ना मिलें कभी हम फिर ना मिलें कभी हम फिर ना मिलें कभी फिर ना मिलें कभी फिर ना मिलें मिलते-मिलते हम तेरे ना हो जाएँ मुझ को डर है मेरे ग़म कम ना हो जाएँ अनजाने हैं दोनों, यारम ना हो जाएँ जी ना सकूँ तन्हा, ये आलम ना हो जाए अच्छी है मेरे लिए तेरी कमी तू आसमाँ है और मैं हूँ ज़मीं हम फिर ना मिलें कभी... एहसास ना हुआ के, जुदा होने लगे देखो हँसते-हँसते, हम रोने लगे क्यूँ बेवजह मैंने, इस इश्क को छुआ पागलपन था मेरा, वो जो कुछ भी हुआ तेरी गली में मुझको जाना नहीं तू याद मुझको अब आना नहीं हम फिर ना मिलें कभी...

हुई मलंग - Hui Malang (Asees Kaur, Haarsh Limbachiyaa, Malang)

Movie/Album: मलंग (2020) Music By: वेद शर्मा Lyrics By: कुणाल वर्मा Performed By: असीस कौर, हर्ष लिम्बाचिया काफ़िरा तो चल दिया काफ़िरा तो चल दिया, इस सफर के संग मंजिलें ना दूर कोई, ले के अपना रंग के हुई मैं, के हुई मैं के हुई मैं मलंग मलंग मलंग के हुई मैं मलंग मलंग मलंग के हुई मैं मलंग मलंग मलंग मैं मलंग हाय रे मैं बैरागन सी जिऊँ ये भटकता मन मैं बैरागन सी जिऊँ ये भटकता मन अब कहाँ ले जायेगा ये आवारापन के हुई मैं मलंग मलंग मलंग... टू लिव लाइफ फ्रॉम वन हाई टू अनदर कुछ धुआँ है कुछ दुआ है खामोशी का साज़ है सूखा दरिया प्यासा ज़रिया भीगे बस अल्फ़ाज़ है रेत सी बिखरी हूँ मैं तेरी ज़मीं का करम चाँद के इन दागों का तू ही तो है मरहम के हुई मैं के हुई मैं मलंग मलंग मलंग...

मलंग टाइटल ट्रैक - Malang Title Track (Ved Sharma, Haarsh Limbachiyaa, Malang)

Movie/Album: मलंग (2020) Music By: वेद शर्मा Lyrics By: कुणाल वर्मा Performed By: वेद शर्मा, हर्ष लिम्बाचिया काफ़िरा तो चल दिया उस सफ़र के संग काफ़िरा तो चल दिया उस सफ़र के संग मंजिलें ना डोर कोई ले के अपना रंग रहूँ मैं मलंग मलंग मलंग रहूँ मैं मलंग मलंग मलंग रहूँ मैं मलंग मलंग मलंग मैं मलंग हाय रे मैं बैरागी साज़ी हूँ, ये भटकता मन मैं बैरागी साज़ी हूँ, ये भटकता मन अब कहाँ ले जायेगा, ये आवारापन रहूँ मैं मलंग मलंग मलंग... है नसीबों में सफर तो, मैं कहीं भी क्यूँ रुकूँ है नसीबों में सफर तो, मैं कहीं भी क्यूँ रुकूँ छोड़ के आया किनारे, बह सकूँ जितना बहूँ दिन गुजरते ही रहे, यूँ ही बेमौसम रास्ते थम जाए पर, रुक ना पाएँ हम रहूँ मैं मलंग मलंग मलंग... रूबरू खुद से हुआ हूँ, मुझमें मुझको तू मिला हो, रूबरू खुद से हुआ हूँ, मुझमें मुझको तू मिला बादलों के इस जहां में, आसमाँ तुझमें मिला पिघली है अब रात भी, है सहर भी ये नम नाखुदा में तो रहा, बन गया तू धरम रहूँ मैं मलंग मलंग मलंग...

चल घर चलें - Chal Ghar Chalen (Arijit Singh, Malang)

Movie/Album: मलंग (2020) Music By: मिथुन Lyrics By: सईद क़ादरी Performed By: अरिजीत सिंह पल-पल मेरा तेरे ही संग बिताना है अपनी वफ़ाओं से तुझे सजाना है दिल चाहता है तुझे कितना बताना है हाँ, तेरे साथ ही मेरा ठिकाना है अब थक चुके हैं ये क़दम चल घर चलें मेरे हमदम होंगे जुदा ना जब तक है दम चल घर चलें मेरे हमदम ताउम्र प्यार ना होगा कम चल घर चलें मेरे हमदम मेरे रहो तुम और तेरे हम चल घर चलें मेरे हमदम खुशबुओं से तेरी, महके हर एक कमरा दर-ओ-दीवार नहीं, काफ़ी है तेरी पनाह संग तेरे प्यार का जहां बसाना है जिसमें रहें तुम और हम चल घर चलें मेरे हमदम मेरे रहो तुम और तेरे हम चल घर चलें मेरे हमदम खिड़की पे तू खड़ा, देखे हाँ रस्ता मेरा आँखों को हर दिन मिले, यही इक मंज़र तेरा बस अब तेरी बाँहों में, जानम सो जाना है जागे हुए रातों के हम चल घर चलें मेरे हमदम होंगे जुदा ना जब तक है दम चल घर चलें मेरे हमदम ताउम्र प्यार ना होगा कम...