Movie/Album: छपाक (2020) Music By: शंकर-एहसान-लॉय Lyrics By: गुलज़ार Performed By: अरिजीत सिंह एक पल तो था यहाँ एक पल में बस गया इक नज़र की आग से इक जहां झुलस गया इक जहां झुलस गया सब झुलस गया
Movie/Album: छपाक (2020) Music By: शंकर-एहसान-लॉय Lyrics By: गुलज़ार Performed By: अरिजीत सिंह मैली-मैली सी सुबह धुलने लगी है मैली-मैली सी सुबह धुलने लगी है गिरह लगी थी साँस में, खुलने लगी है खुलने लगी है बर्फ़ की डली थी कोई, घुलने लगी है गिरह लगी थी साँस में, खुलने लगी है खुलने लगी है खुलने दो, खुलने दो, आसमाँ खुलने दो खुलने दो, खुलने दो, आसमाँ खुलने दो उजाला हो तो जाएगा कहीं न कहीं से अँधेरा भी छटेगा ही कभी तो ज़मीं से पलकें तो नहीं हैं, नज़र उठने लगी है गिरह लगी थी साँस में...
Movie/Album: छपाक (2020) Music By: शंकर-एहसान-लॉय Lyrics By: गुलज़ार Performed By: सिद्धार्थ महादेवन बात बात पे कह देते हैं, नोक-झोंक बस नोक-झोंक, बस नोक-झोंक बात बात पे शह देते हैं, नोक-झोंक बस नोक-झोंक, बस नोक-झोंक पल पल चोंचे मारते रहना चुभती है पर हँसते रहना तागों में कोई गिरह नहीं पर बातों में फँसते रहना नोक-झोंक, बस नोक-झोंक बस नोक-झोंक... कितना कुछ तो कह लेते हैं लेकिन कुछ भी सुना नहीं है बोलती ही रहती हैं आँखें कहना है जो कहा नहीं है कहा नहीं है सीधे-सीधे रास्ते रूठे-रूठे लगते हैं कहना है जो, कहा नहीं है कहा नहीं है नोक-झोंक, बस नोक-झोंक... एक ही दर्द की छाँव तले कौन थे वो जो गले मिले उनमें कोई अजनबी था क्या साथ-साथ जो साथ चले कितना कुछ तो कह ही दिया है काफी कुछ अब सुन भी लिया है बोलने दो आँखों को आगे बाकी है कुछ बाकी है कुछ, कहा नहीं है कहा नहीं है रूठे-रूठे रास्ते नए-नए से लगते हैं बाकी है कुछ...
Movie/Album: छपाक (2020) Music By: शंकर-एहसान-लॉय Lyrics By: गुलज़ार Performed By: अरिजीत सिंह कोई चेहरा मिटा के और आँख से हटा के चंद छींटे उड़ा के जो गया छपाक से पहचान ले गया एक चेहरा गिरा, जैसे मोहरा गिरा जैसे धूप को ग्रहण लग गया छपाक से, पहचान ले गया ना चाह ना चाहत कोई ना कोई ऐसा वादा, हा हाथ में अँधेरा और आँख में इरादा कोई चेहरा मिटा के... बेमानी सा जुनून था बिन आग के धुआँ ना होश ना ख़याल सोच अंधा कुआँ कोई चेहरा मिटा के... आरज़ू थी शौक़ थे वो सारे हट गए कितने सारे जीने के तागे कट गए सब झुलस गया कोई चेहरा मिटा के एक चेहरा गिरा जैसे मोहरा गिरा जैसे धूप को ग्रहण लग गया छपाक से पहचान ले गया छपाक से पहचान...