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Showing posts with the label Siddhant Kaushal

मन्ने इग्नोर कर रही - Manney Ignore Kar Rahi (Amitabh Bhattacharya, Jai Mummy Di)

Movie/Album: जय मम्मी दी (2020) Music By: अमर्त्य बोबो राहत Lyrics By: सिद्धांत कौशल Performed By: अमिताभ भट्टाचार्य मन्ने इग्नोर कर रही अकड़ घनघोर दे रही दर्द ना क्योर कर रही तोड़ती जिया हाल कमजोर कर रही माथे पे जोर दे रही अकेले टूर ले रही तोड़ती जिया मन्ने इग्नोर कर रही सॉन्ग सुन रही सैड-सैड वाले तन्ने कहता हूँ बावळी गलती है मेरी इम्तेहान न ले तोड़ ना जिया मन दुखता तेरे पिया का हड़बड़ी में तू आ के तन्हा कर गयी दूरबीन से ताके आँखें भर गयीं हो, एक-एक अब लवली हो जाएँ चल बोलूँ किसको मैं जा के दिल की लग गयी तन बदन टूट-टूट के रो रहा फूट-फूट के बावळी रूठ-रूठ के तोड़ती जिया मन्ने इग्नोर कर रही...

दरियागंज - Dariyaganj (Arijit Singh, Dhvani Bhanushali, Jai Mummy Di)

Movie/Album: जय मम्मी दी (2020) Music By: अमर्त्य बोबो राहत Lyrics By: सिद्धांत कौशल Performed By: अरिजीत सिंह, ध्वनि भानुशाली रंग बिरंगा दिल होया ब्लैक एन वाइट वे कल्लेयाँ खड़ा है जा के सड़कों पे नाइट में मजनू बन के, दुखड़ा गावे मिट्टी ना पावे ते सिर ते चढ़दा जावे अर्ज़ी दे दो, इस दी दरियागंज दे थाणे अर्ज़ी दे दो, इस दी दरियागंज दे थाणे दिल नू दे दो, जा के दरियागंज दे थाणे चोरी चकारियाँ, दिल कर रहा अभी हटदा नहीं ऐ पागल, मुश्किल हुआ जीना भी करदी उदासियाँ, बॉदर इसे अभी लभदा उसी को ये/है दिल, जो सामने ना है जी रंग बिरंगा दिल होया...

सच्चियाँ - Sacchiyaan (Amit Mishra, Harshdeep Kaur, Bhangra Paa Le)

Movie/Album: भंगड़ा पा ले (2020) Music By: कौशिक-आकाश-गुड्डू Lyrics By: सिद्धांत कौशल Performed By: अमित मिश्रा, हर्षदीप कौर जिंद फंसी ऐ गमां दे मोड़ ते तू आजा ख़ुशी मोड़ दे ज़िन्दगी से पूछा मैंने यारा तू बता चाँद के बिना होती हैं रातें क्यूँ अला मुझको समझ ना आये क्या हो रहा पर जानती हूँ मैं किनारा तू मेरा तू शायरी है बुल्लेशाह दी जो छू के मेरी रूह गयी वे सच्चियाँ वे सच्चियाँ वे सच्चियाँ दिला दे रब्बा प्रीताँ वे सच्चियाँ वे सच्चियाँ रब्बा वे सच्चियाँ... हो उस जोगी विच राँझे दा ओ मेरी रूह विच जोगी दा बंधदा ए धागा ओ धागा धागा बंधदा ए धागा उस जोगी विच राँझे दा ओ मेरी रूह विच जोगी दा किश्तों में जीना है ना कर्ज़े चुकाने है ना हो गया रवाना जोगीया धूप छाँव जो भी आएँ मेरे पाँव सब सह जाएँ लाँघ जाऊँ सारे इम्तहाँ इक्क यारा तू ही मेरा इक्को आसरा खिदमत में ये तेरी सिर है झुका तू शायरी है बुल्लेशाह दी जो दिल को सुकूँ दे गयी वे सच्चियाँ वे सच्चियाँ वे...