Posts

Showing posts with the label Shankar Mahadevan

पधारो म्हारे देस - Padharo Maare Des (Shankar Mahadevan, Bandish Bandits)

Movie/Album: बंदिश बैंडिट्स (2020) Music By: शंकर-एहसान-लॉय Lyrics By: पारंपरिक Performed By: शंकर महादेवन ओ साजण साजण मैं करूँ तो साजण जीव जड़ी साजण फूल गुलाब रो सूंघूँ घड़ी-घड़ी ओ जी केसरिया बालम आवो नी पधारो म्हारे देस रे पधारो म्हारे देस रे पधारो म्हारे देस रे मारु थारा देस में निपजे तीन रतण इक ढोला इक मरमर तीजो कसुमन रंग रे ओ जी केसरिया बालम आवो नी पधारो म्हारे देस रे पधारो म्हारे देस रे पधारो म्हारे देस रे

धरा होगी - Dhara Hogi (Shankar Mahadevan, Bandish Bandits)

Movie/Album: बंदिश बैंडिट्स (2020) Music By: शंकर-एहसान-लॉय Lyrics By: समीर सामंत Performed By: शंकर महादेवन हे धरा होगी सराबोर अब बरसेगी जल धारा धरा होगी सराबोर अब बरसेगी जल धारा नि आज थारी नगरी मा घिर घिर आयो रे बादर कारा धरा होगी साराबोर अब... हे बादर कारा... बह रही है हर दिसा से पवन ये तूफ़ानी बह रही है हर दिसा से पवन ये तूफ़ानी आज धरती पर लिखेगी कोई नयी कहानी बाजे थारे आँगण मा बूँदों का झणकारा नि आज थारी नगरी मा घिर घिर आयो रे बादर कारा धरा होगी सराबोर अब बरसेगी जल ज्वाला जल धारा हे पवन का राग ले के बिजुरी की आग ले के संग बैराग ले के आयो आयो आयो आयो आयो आयो आयो आयो बादर थारे अंगणा हो बादल थारे अंगणा हो बादल थारे अंगणा बादल थारे अंगणा बादर थारे अंगणा

विरह - Virah (Shankar Mahadevan, Bandish Bandits)

Movie/Album: बंदिश बैंडिट्स (2020) Music By: शंकर-एहसान-लॉय Lyrics By: समीर सामंत Performed By: शंकर महादेवन रंग रंग रंग रंग रंग रंग रंग रंग रंग रंग रंग रंग रंग रंग... ए री सखी मैं अंग-अंग आज रंग डार दूँ हे, ए री सखी मैं अंग-अंग आज रंग डार दूँ अपने जी से प्रेम रंग कैसे मैं उतार दूँ ओ, ए री सखी तेरे बिना कहीं भी ना व्याकुल मन लागे बिरहन सुर ताल साज आज तेरे आगे नैनन को चैन नहीं रैन-रैन जागे इक पल में टूट जाएँ साँस के ये धागे तू जो मुँह फेरे सखी देह प्राण त्यागे पल भर तू देख मुझे ज़िंदगी गुजार दूँ ए री सखी में अंग-अंग... ए री सखी ए री सखी ए री सखी ओ ओ ए री सखी

जुगनू - Jugnoo (Sunny, Shankar Mahadevan, Panga)

Movie/Album: पंगा (2020) Music By: शंकर-एहसान-लॉय Lyrics By: जावेद अख्तर Performed By: सनी, शंकर महादेवन दो रंगो में रंगी है दो रूपों में ढली ऐसी है ज़िंदगी सब की मायूसी भी है थोड़ी अरमान भी कहीं ऐसी है ज़िंदगी सब की गहरे अंधेरों में भी पल-पल चमकते हैं जुगनू से जो अरमान हैं वो तेरे जुगनू जुगनू जुगनू जैसे हैं जुगनू जैसे हैं अरमाँ जुगनू जुगनू जुगनू जैसे हैं जुगनू जैसे हैं अरमाँ नींदों के देस में है, सपनों का इक नगर जहाँ है डगर-डगर जुगनू सौ आँधियाँ हैं चलती, साँसो में रात भर बुझते नहीं मगर जुगनू गहरे अंधेरों में भी... लम्हा बलम्हा, लमहा बलम्हा कुछ ख्वाब तो होते हैं रफ्ता बरफ्ता, रफ्ता बरफ्ता बेताब तो होते हैं तू माने चाहे ना माने तू दिल है अगर तो है आरज़ू आँखों के प्याले खाली नहीं कोई तमन्ना होगी कहीं गहरे अंधेरों में भी...

हिंदुस्तानी - Hindustani (Shankar Mahadevan, Udit Narayan, Street Dancer 3D)

Movie/Album: स्ट्रीट डांसर 3D (2020) Music By: शंकर-एहसान-लॉय, हर्ष उपाध्याय Lyrics By: समीर Performed By: शंकर महादेवन, उदित नारायण सुनो गौर से दुनिया वालो बुरी नज़र न हम पे डालो सुनो गौर से दुनिया वालो बुरी नज़र न हम पे डालो चाहे जितना ज़ोर लगालो सबसे आगे होंगे हिंदुस्तानी (हिंदुस्तानी, हिंदुस्तानी, हिंदुस्तानी) सुनो गौर से... हमने कहा है, तुम भी कहो हमने कहा है जो तुम भी कहो सुनो गौर से दुनिया वालो... जलते शरारे हैं, पानी के धारे हैं हम काटे कटते नहीं जो वादा करते हैं, कर के निभाते हैं हम पीछे हटते नहीं वक्त है, उम्र है जोश है और जान है न झुके, न मिटे देश तो अपनी शान है वक्त है, उम्र है... हमने कहा है...

लकी चार्म - Lucky Charm (Raghuveer Yadav, Shankar Mahadevan, The Zoya Factor)

Movie/Album: द ज़ोया फैक्टर (2019) Music By: शंकर-एहसान-लॉय Lyrics By: अमिताभ भट्टाचार्य Performed By: रघुवीर यादव, शंकर महादेवन बिल्ली रास्ता काट गयी तो बनते बनते बिगड़ा काम ओए मिरर का शीशा क्रैक हुआ तो कुछ गड़बड़ होगी हाए राम कदम दाहिना घर के बाहर पहले रखिएगा श्रीमान मगर निकलने से पहले कोई छींके ना रखियेगा ध्यान राइट हैंड में खुजली मतलब मिलेगा प्रॉफिट या इनाम लेफ़्ट हैंड में अगर हुई तो आम बिके गुठली के दाम खिड़की पे कौवा बोले तो घर पे आएगा मेहमान सड़क पे कुत्तों का रोना है बुरे हादसे का ऐलान भारतवासी तो बरसों से ज़िंदा किस्मत के भरोसे सबको ही गुडलक का इन्तेज़ाम चाहिए ओ लक्की चार्म चार्म चार्म लक्की चार्म चाहिये ओ लक्की चार्म चार्म चार्म... इसरो का भी ये आदेश है सर जी स्पेस शटल में टांगो नींबू मिर्ची उद्घाटन में नारियल ना फूटे तो समझो उद्घाटन है वो फर्जी नाम करे जो देश का ऊँचा जाकर उससे भी पूछा बुरी नज़र से रक्षा सुबहो शाम चहिये ओ लक्की चार्म चार्म चार्म...