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Showing posts with the label Amit Trivedi

भारत की बेटी - Bharat Ki Beti (Arijit Singh, Gunjan Saxena: The Kargil Girl)

Movie/Album: गुंजन सक्सेना: द कारगिल गर्ल (2020) Music By: अमित त्रिवेदी Lyrics By: कौसर मुनीर Performed By: अरिजीत सिंह हो सदक़े मैं जावाँ मेरी दिल जाणियाँ मैं शीश झुकावाँ मेरी दिल जाणियाँ तेरे नाम जो कर जावाँ कम है वो तू सारे जहां से प्यारी मेरे भारत की बेटी है सारे जहां पे भारी मेरे भारत की बेटी दिल जान है, शान हमारी मेरे भारत की बेटी जीती रहो, जीतती रहो जो तेरे नैनों से टपके हर आँसू है अपना जो तेरे होठों पे ठहरे वो गीत अब अपना जो सीना तान के तू चल दे उठता है सर अपना जा जी ले अपनी जिंदड़ी सर पर हाथ है अपना तेरा जो भी है सपना अब ज़िम्मा है अपना सपने सच करने की तेरी बारी ओ, तू सारे जहां से प्यारी...

रेखा ओ रेखा - Rekha O Rekha (Nakash Aziz, Gunjan Saxena: The Kargil Girl)

Movie/Album: गुंजन सक्सेना: द कारगिल गर्ल (2020) Music By: अमित त्रिवेदी Lyrics By: कौसर मुनीर Performed By: नकाश अज़ीज़ रेखा ओ रेखा जब से तुझको देखा बदला किस्मत का लेखा बस लग गयी लग गयी लग गयी लग गयी रे रेखा ओ रेखा जब से तुझको देखा ख़ुद को दलदल में फेंका बस लग गयी लग गयी लग गयी लग गयी रे साड्डा दिल साड्डी जान साड्डी जिंदड़ी दी खाट लग गयी रे साड्डा दिल साड्डी जान साड्डी जिंदड़ी दी खाट लग गयी रे तेरे सपने मुझको देखो देखो महँगे पड़ गए नींद ना आवे हाए रेखा ओ रेखा तेरी पतली कमर पे देखो देखो मैं तो फिसल गयी मुझे बचा ले रेखा रे रेखा चैना चैना मेरा लुटिया वे चैना रैना रैना दौड़ूँ मैं ता बिन रैना है ना है ना तू तो मेरे संग है ना हो ओ रेखा ओ रेखा जब से तुझको देखा बदला क़िस्मत का लेखा गल बन गयी बन गयी बन गयी बन गयी रे रेखा ओ रेखा जब से तुझको देखा मैंने तुझमें खुद को देखा गल बन गयी बन गयी बन गयी बन गयी रे साड्डा दिल साड्डी जान... हो दाएँ बाएँ जाएँ फटाफट गलियाँ हो बाय बाय बाय मैं तां चलिया हो पीछे पीछे पीछे रह गयी दुनिया हो आगे आगे आगे मैं उड़ गईयाँ (फुर्र) हो टेशन से यूँ छुट्टी मेरे दिल की गाड़ी रे...

डोरी टूट गइयाँ - Dori Tutt Gaiyaan (Rekha Bhardwaj, Gunjan Saxena: The Kargil Girl)

Movie/Album: गुंजन सक्सेना: द कारगिल गर्ल (2020) Music By: अमित त्रिवेदी Lyrics By: कौसर मुनीर Performed By: रेखा भारद्वाज अब से मैं तुझसे कुछ ना कहूँगी दर्द दे दिल को जो भी उफ्फ ना करूँगी अब से मैं तुझसे कुछ ना कहूँगी दर्द दे दिल को जो भी उफ्फ ना करूँगी बाँधी थी जो मिल के माहिया माहिया वे डोरी टुट्ट गइयाँ टुट्ट गइयाँ हाणियाँ वे डोरी टुट्ट गइयाँ हाणियाँ लागी छुट्ट गइयाँ छुट्ट गइयाँ हाणियाँ वे डोरी टुट्ट गइयाँ हाणियाँ हो लक्खां वारी दिल से खायी थी जो क़समें निभा ही ना पाये क्यूँ बता, हो सामने था रस्ता सामने थी मंज़िल क़दम लड़खड़ाए क्यूँ बता क्यूँ बता वे क्यूँ बता, क्या पता माहिया वे साँसें लुट्ट गइयाँ लुट्ट गइयाँ हाणियाँ वे डोरी टुट्ट गइयाँ हाणियाँ हाँ लागी छुट्ट गइयाँ छुट्ट गइयाँ हाणियाँ वे डोरी टुट्ट गइयाँ हाणियाँ वे डोरी टुट्ट गइयाँ डोरी टुट्ट गइयाँ वे लागी छुट्ट गइयाँ वे डोरी टुट्ट गइयाँ हाणियां हो डोरी टुट्ट गइयाँ हाणियां

असमाण दी परी - Asmaan Di Pari (Jyoti Nooran, Gunjan Saxena: The Kargil Girl)

Movie/Album: गुंजन सक्सेना: द कारगिल गर्ल (2020) Music By: अमित त्रिवेदी Lyrics By: कौसर मुनीर Performed By: ज्योति नूरान खुदी को कर बुलंद इतना के हर तकदीर से पहले खुदा बंदे से खुद पूछे बता तेरी रज़ा क्या है हो टुर्जा टुर्जा टुर्जा तू ना डरना कभी ना घबरना कभी हो लैजा लैजा लैजा तू उखाड़ के ज़मीं हो फुर्जा फुर्जा फुर्जा तू ना रुकना कभी तू ना झुकना कभी जी ले जी ले जी ले अपनी जिंदड़ी होए मार छड़प्पा होए चाँद पे चढ़ जा हो उड़ जा उड़ जा उड़ जा उड़ जा बण के असमाण दी परी हो उड़ जा उड़ जा उड़ जा उड़ जा बण के असमाण दी परी खुदी को कर बुलंद इतना के हर तकदीर से पहले खुदा रुककर ये खुद पूछे बता क्या चाहिए बंदे खुदी को कर बुलंद इतना के हर तकदीर से पहले खुदा रुककर ये खुद पूछे बता क्या चाहिए बंदे हो तोड़ दे रे दरवज्जे हो जोड़ दे रे सारे छज्जे हो तोड़ दे रे दरवज्जे हो जोड़ दे रे सारे छज्जे हो अड़ जा लड़ जा छड़ जा आजा चक दे तू काँच के छट्टे हो काट दे रे तू कन्नी हो छोड़ दे रे तू छन्नी हो अड़ जा लड़ जा छड़ जा आजा चक दे तू चाँद की हदें हो टुर्जा टुर्जा टुर्जा तू ना थमना कभी तू ना थकना कभी लैजा लैजा लैजा तू उ...

धूम धड़ाका - Dhoom Dhadaka (Sukhwinder Singh, Gunjan Saxena: The Kargil Girl)

Movie/Album: गुंजन सक्सेना: द कारगिल गर्ल (2020) Music By: अमित त्रिवेदी Lyrics By: कौसर मुनीर Performed By: सुखविंदर सिंह हो मुंडेयो डाल के डाका हो मुंडेयो कर के धमाका ओए बाँध के ले जाएगी कितने ईगो काटा हो मुंडेयो भिड़ा ना टाँका हो तेरा रब ही राखा हो लाँघ के ले जाएगी फिटे मुँह माझो घाटा फराटा धूम धड़ाका कुड़ी पटाका धूम धड़ाका कुड़ी पटाका अरे ले गयी दिल पे डाल के डाका धूम धड़ाका कुड़ी पटाका, होए चाहे जितने भी पर्वत हिलें चाहे कितने भी अम्बर गिरें किस्मत की करनी से कुड़ियाँ ना डरें डरें डरें कुड़ी युग युग से बिन कहे कुड़ी जग मग जादू करे कल की नस्लों को आज ही पैदा करें करें करें हो इंडिया बाँटो पिनियाँ किसी से कम नहीं कुड़ियाँ हो शान से फहरायेंगी ये झंडा त्वाडा हो इंडिया बाँटो रेवड़ियाँ जलाओ जी फुलझड़ियाँ हो शान से लहराएँगी जग में तिरंगा साड्डा फराटा धूम धड़ाका कुड़ी पटाका...

मन की डोरी - Mann Ki Dori (Armaan Malik, Palak Muchhal, Gunjan Saxena: The Kargil Girl)

Movie/Album: गुंजन सक्सेना: द कारगिल गर्ल (2020) Music By: अमित त्रिवेदी Lyrics By: कौसर मुनीर Performed By: अरमान मलिक, पलक मुछाल जिस पल से देखा है तुझको मन ये पगल गया रे पीछे-पीछे देखो तेरे हद से निकल गया रे हो जिस पल से देखा है तुझको... तू जहाँ वहाँ ले के जाए ये राहें मोरी कि तुझ संग बाँधी कि तुझ संग बाँधी कि तुझ संग बाँधी ये मन की डोरी कि तुझ संग बाँधी ये मन की डोरी कि तुझ संग बाँधी ये मन की डोरी रे रे रे तुझ संग बाँधी ये मन की डोरी हो दाँतों से काटे हाथों से खींचे डोर ये तेरी मेरी तोड़े ना टूटे हो धूप के दिन हो या सर्दी की रातें डोर ये तेरी मेरी छोड़े ना छूटे तू जहाँ वहाँ ले के जाए...

ऐतबार - Aitbaar (Vishal Dadlani, Robert Bobomulo, No One Killed Jessica)

Movie/Album: नो वन किल्ड जेसिका (2011) Music By: अमित त्रिवेदी Lyrics By: अमिताभ भट्टाचार्य Performed By: विशाल ददलानी, रोबर्ट बोबोमुलो गुलज़ार ज़ार हुआ ऐतबार टुकड़े हज़ार हुआ ऐतबार हुआ शर्मसार खुद से ही हार कर के क्यूँ तार-तार हुआ ऐतबार झूठा ख़ुमार हुआ ऐतबार सीने में यार चुभता गुबार बन के दिल ऐतबार कर के रो रहा है ऐतबार ऐतबार ऐतबार ऐतबार कर के रो रहा है ऐतबार कर के दिल ऐतबार कर के हो रहा है ऐतबार ऐतबार ऐतबार ऐतबार कर के रो रहा है ऐतबार कर के डर का शिकार हुआ ऐतबार दिल में दरार हुआ ऐतबार करे चीत्कार बाहें पसार कर के नश्तर की धार हुआ ऐतबार पसली के पार हुआ ऐतबार चूसे हैं खून बड़ा खूनखार बन के झुलसी हुई इस रूह के चीथड़े पड़े बिखरे हुए उधड़ी हुई उम्मीद है ओ रौंदे जिन्हें क़दमों तले बड़ी बेरहम रफ़्तार ये बेजान-सी इस भीड़ की ओ जल-भुन के राख हुआ ऐतबार गन्दा मज़ाक हुआ ऐतबार चिढ़ता है, कुढ़ता है, सड़ता है रातों में झल्ली-सा चाख हुआ ऐतबार रस्ते की ख़ाक हुआ ऐतबार गलत है, पिघलता है, खलता है रातों में दिल ऐतबार कर के...