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एक शहनशाह ने बनवा के - Ek Shahenshah Ne Banwa Ke (Lata Mangeshkar, Md.Rafi, Leader)

Movie/Album: लीडर (1964) Music By: नौशाद अली Lyrics By: शकील बदायुनी Performed By: लता मंगेशकर, मो.रफ़ी एक शहनशाह ने बनवा के हसीं ताजमहल सारी दुनिया को मोहब्बत की निशानी दी है इसके साये में सदा प्यार के चर्चे होंगे ख़त्म जो हो ना सकेगी वो कहानी दी है एक शहनशाह ने बनवा के हसीं ताजमहल ताज वो शम्मा है उल्फत के सनम ख़ाने की जिसके परवानों में मुफ़लिस भी ज़रदार भी है संग-ए-मरमर में समाए हुए ख्वाबों की क़सम मरहले प्यार के आसान भी, दुश्वार भी है दिल को एक जोश इरादों को जवानी दी है एक शहनशाह ने बनवा के हसीं ताजमहल ताज इक ज़िंदा तसव्वुर है किसी शायिर का इसका अफ़साना हकीकत के सिवा कुछ भी नहीं इसके आगोश में आकर ये गुमाँ होता है ज़िन्दगी जैसे मुहब्बत के सिवा कुछ भी नहीं ताज ने प्यार की मौजों को रवानी दी है एक शहनशाह ने बनवा के हसीं ताजमहल ये हसीं रात ये महकी हुई पुरनूर फ़ज़ा हो इजाज़त तो ये दिल इश्क का इज़हार करे इश्क इंसान को इंसान बना देता है किसकी हिम्मत है मुहब्बत से जो इनकार करे आज तकदीर ने ये रात सुहानी दी है एक शहनशाह ने बनवा के...

मैं तेरी नज़र का सुरूर हूँ - Main Teri Nazar Ka Suroor Hoon (Talat Mahmood, Jahan Ara)

Movie/Album: जहाँ आरा (1964) Music By: मदन मोहन Lyrics By: राजिंदर कृष्ण Performed By: तलत महमूद मैं तेरी नज़र का सुरूर हूँ तुझे याद हो के न याद हो तेरे पास रह के भी दूर हूँ तुझे याद हो के न याद हो मैं तेरी नज़र का सुरूर हूँ मुझे आँख से तो गिरा दिया कहो दिल से भी क्या भुला दिया तेरी आशिक़ी का ग़ुरूर हूँ तुझे याद हो के न याद हो मैं तेरी नज़र का ... तेरी ज़ुल्फ़ है, मेरा हाथ है के तू आज भी मेरे साथ है तेरे दिल में मैं भी ज़रूर हूँ तुझे याद हो के न याद हो मैं तेरी नज़र का ...

चले जा रहे हैं - Chale Ja Rahe Hain (Manna Dey, Kinare Kinare)

Movie/Album: किनारे किनारे (1964) Music By: जयदेव Lyrics By: न्याय शर्मा Performed By: मन्ना डे चले जा रहे हैं मोहब्बत के मारे किनारे किनारे किनारे किनारे चले जा रहे हैं... न साहिल की परवाह ना तूफाँ का डर है ना ज़ुल्मों का शिकवा न ग़म का असर है उम्मीदों के पल पल दिलों के सहारे चले जा रहे हैं... तमन्ना यही है| के लहरों से खेलें नसीबों की गर्दिश को हँस-हँस के झेलें उमंगों की राहों में बिछा कर सितारे चले जा रहे हैं...

बुझा दिए हैं - Bujha Diye Hain (Suman Kalyanpur, Shagoon)

Movie/Album: शगुन (1964) Music By: ख़य्याम Lyrics By: साहिर लुधियानवी Performed By: सुमन कल्याणपुर बुझा दिए हैं ख़ुद अपने हाथों मोहब्बतों के दीये जला के मेरी वफ़ा ने उजाड़ दी हैं उम्मीद की बस्तियाँ बसा के तुझे भुला देंगे अपने दिल से ये फ़ैसला तो किया है लेकिन न दिल को मालूम है न हम को जियेंगे कैसे तुझे भुला के बुझा दिए हैं ख़ुद अपने... कभी मिलेंगे जो रास्ते में तो मुँह फिरा कर पलट पड़ेंगे कहीं सुनेंगे जो नाम तेरा तो चुप रहेंगे नज़र झुका के न सोचने पर भी सोचती हूँ कि ज़िंदगानी में क्या रहेगा तेरी तमन्ना को दफ़्न कर के तेरे ख़यालों से दूर जा के बुझा दिए हैं ख़ुद अपने...