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ओ पंछी प्यारे - O Panchhi Pyare (Asha Bhosle, Bandini)

Movie/Album: बंदिनी (1963) Music By: एस.डी.बर्मन Lyrics By: शैलेन्द्र Performed By: आशा भोंसले दो नैनन से मिलन को दो नैना अकुलाएँ जब नैना हो सामने तो नैना झुक जाएँ ओ पंछी प्यारे, सांझ सकारे बोले तू कौन सी बोली, बता रे बोले तू कौन सी बोली ओ पंछी प्यारे... मैं तो पंछी, पिंजरे की मैना पंख मेरे बेकार बीच हमारे सात रे सागर कैसे चलूँ उस पार कैसे चलूँ उस पार ओ पंछी प्यारे... फागुन महीना फूली बगिया आम झरे अमराई मैं खिड़की से चुप-चुप देखूँ ऋतु बसंत की आई ऋतु बसंत की आई ओ पंछी प्यारे...

इतनी हसीन इतनी जवाँ रात - Itni Haseen Itni Jawaan Raat (Md.Rafi, Aaj Aur Kal)

Movie/Album: आज और कल (1963) Music By: रवि Lyrics By: साहिर लुधियानवी Performed By: मोहम्मद रफ़ी इतनी हसीन इतनी जवाँ रात क्या करें जागे हैं कुछ अजीब से जज़बात क्या करें इतनी हसीन... पेड़ों के बाज़ूओं में लचकती है चांदनी बेचैन हो रहे हैं ख़यालात क्या करें जागे हैं कुछ अजीब से... साँसों में घुल रही है किसी साँस की महक दामन को छू रहा है कोई हाथ क्या करें जागे हैं कुछ अजीब से... शायद तुम्हारे आने से ये भेद खुल सके हैरान हैं कि आज नयी बात क्या करें जागे हैं कुछ अजीब से...

जुर्म-ए-उल्फ़त पे हमें - Jurm-e-Ulfat Pe Hamein (Lata Mangeshkar, Taj Mahal)

Movie/Album: ताज महल (1963 ) Music By: रोशन Lyrics By: साहिर लुधियानवी Performed By: लता मंगेशकर जुर्म-ए-उल्फ़त पे हमें लोग सज़ा देते हैं कैसे नादान हैं, शोलों को हवा देते हैं कैसे नादान हैं हम से दीवाने कहीं तर्क-ए-वफ़ा करते हैं जान जाए कि रहे, बात निभा देते हैं जान जाए आप दौलत के तराज़ू में दिलों को तोलें हम मोहब्बत से मोहब्बत का सिला देते हैं हम मोहब्बत से तख़्त क्या चीज़ है और लाल-ओ-जवाहर क्या है इश्क़ वाले तो ख़ुदाई भी लुटा देते हैं इश्क़ वाले हमने दिल दे भी दिया, एहद-ए-वफ़ा ले भी लिया आप अब शौक़ से दे लें, जो सज़ा देते हैं जुर्म-ए-उल्फ़त पे हमें लोग सज़ा देते हैं

अब कोई गुलशन - Ab Koi Gulshan (Md.Rafi, Mujhe Jeene Do)

Movie/Album: मुझे जीने दो (1963) Music By: जयदेव Lyrics By: साहिर लुधियानवी Performed By: मोहम्मद रफ़ी अब कोई गुलशन ना उजड़े अब वतन आज़ाद है रूह गंगा की हिमाला का बदन आज़ाद है खेतियाँ सोना उगाएँ, वादियाँ मोती लुटाएँ आज गौतम की ज़मीं, तुलसी का बन आज़ाद है अब कोई गुलशन ना... मंदिरों में शंख बाजे, मस्जिदों में हो अज़ान शैख़ का धर्म और दीन-ए-बरहमन आज़ाद है अब कोई गुलशन ना... लूट कैसी भी हो अब इस देश में रहने न पाए आज सब के वास्ते धरती का धन आज़ाद है अब कोई गुलशन ना...

ये वादियाँ ये फिज़ाएँ - Ye Wadiyan Ye Fizayen (Md.Rafi, Aaj Aur Kal)

Movie/Album: आज और कल (1963) Music By: रवि Lyrics By: साहिर लुधियानवी Performed By: मोहम्मद रफ़ी ये वादियाँ, ये फ़िज़ाएँ बुला रही हैं तुम्हें खामोशियों की सदाएँ बुला रही हैं तुम्हें ये वादियाँ, ये फ़िज़ाएँ... तुम्हारी ज़ुल्फों से ख़ुश्बू की भीख लेने को झुकी-झुकी सी घटाएँ बुला रही हैं तुम्हें खामोशियों की सदाएँ... हसीन चम्पई पैरों को जब से देखा है नदी की मस्त अदाएँ बुला रही हैं तुम्हें खामोशियों की सदाएँ... मेरा कहा न सुनो, दिल की बात तो सुन लो हर एक दिल की दुआएँ बुला रही हैं तुम्हें खामोशियों की सदाएँ...

भूले से मोहब्बत - Bhule Se Mohabbat (Mukesh, Dil Hi To Hai)

Movie/Album: दिल ही तो है (1963) Music By: रोशन Lyrics By: साहिर लुधियानवी Performed By: मुकेश भूले से मोहब्बत कर बैठा नादाँ था बेचारा दिल ही तो है हर दिल से ख़ता हो जाती है बिगड़ो न खुदारा दिल ही तो है इस तरह निगाहें मत फेरो ऐसा न हो धड़कन रुक जाए सीने में कोई पत्थर तो नहीं एहसास का मारा दिल ही तो है हर दिल से ख़ता... बेदादगरों की ठोकर से सब ख़्वाब सुहाने चूर हुए अब दिल का सहारा ग़म ही तो है अब दिल का सहारा ग़म ही तो है अब ग़म का सहारा दिल ही तो है भूले से मोहब्बत...