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मचल के जब भी आँखों से - Machal Ke Jab Bhi Aankhon Se (Bhupinder Singh, Griha Pravesh)

Movie/Album: गृह प्रवेश (1979) Music By: कानू रॉय Lyrics By: गुलज़ार Performed By: भूपेंद्र सिंह मचल के जब भी आँखों से छलक जाते हैं दो आँसू सुना है आबशारों को बड़ी तक़लीफ़ होती है मचल के जब भी आँखों से... ख़ुदा-रा अब तो बुझ जाने दो इस जलती हुई लौ को चराग़ों से मज़ारों को बड़ी तक़लीफ़ होती है मचल के जब भी आँखों से... कहूँ क्या वो बड़ी मासूमियत से पूछ बैठे हैं क्या सचमुच दिल के मारों को बड़ी तक़लीफ़ होती है मचल के जब भी आँखों से... तुम्हारा क्या, तुम्हें तो राह दे देते हैं काँटे भी मगर हम ख़ाक-सारों को बड़ी तक़लीफ़ होती है मचल के जब भी आँखों से...

लब पे आती है - Lab Pe Aati Hai (Siza Roy, Cry For Cry)

Movie/Album: क्राय फॉर क्राय (1970) Music By: जगजीत सिंह Lyrics By: अल्लामा इक़बाल Performed By: सिज़ा रॉय लब पे आती है दुआ बन के तमन्ना मेरी ज़िन्दगी शम्मा की सूरत हो ख़ुदाया मेरी लब पे आती है... हो मेरे दम से यूँ ही मेरे वतन की ज़ीनत जिस तरह फूल से होती है चमन की ज़ीनत ज़िन्दगी हो मेरी परवाने की सूरत या रब इल्म की शम्मा से हो मुझ को मोहब्बत या रब हो मेरा काम ग़रीबों की हिमायत करना दर्द-मंदों से, ज़ईफ़ों से, मोहब्बत करना मेरे अल्लाह बुराई से बचाना मुझको नेक जो राह हो उस रह पे चलाना मुझको मेरे अल्लाह बुराई...

माना हो तुम - Maana Ho Tum (Yesudas, Toote Khilone)

Movie/Album: टूटे खिलौने (1978) Music By: बप्पी लाहिड़ी Lyrics By: कैफ़ी आज़मी Performed By: येसुदास Sad माना हो तुम बेहद हसीं ऐसे बुरे हम भी नहीं देखो कभी तो प्यार से डरते हो क्यूँ इक़रार से तुम दो क़दम दो साथ अगर आसान हो जाए सफ़र छोड़ो भी ये दुनिया का ड़र तोड़ो न दिल इन्कार से देखो कभी तो प्यार से डरते हो क्यो इक़रार से Happy माना हो तुम बेहद हसीं ऐसे बुरे हम भी नहीं देखो कभी तो प्यार से डरते हो क्यूँ इक़रार से खुलता नहीं कुछ दिलरुबा तुम हम से ख़ुश हो या हो ख़फा तिरछी नज़र, तीखी अदा लगते हो क्यूँ बेज़ार से देखो कभी तो प्यार से डरते हो क्यूँ इक़रार से माना हो तुम बेहद हसीं... तुम दो क़दम दो साथ अगर आसान हो जाए सफ़र छोड़ो भी ये दुनिया का ड़र तोड़ो न दिल इन्कार से देखो कभी तो प्यार से डरते हो क्यो इक़रार से माना हो तुम बेहद हसीं...

चाँद जैसे मुखड़े पे - Chand Jaise Mukhde Pe (Yesudas, Sawan Ko Aane Do)

Movie/Album: सावन को आने दो (1979) Music By: राजकमल Lyrics By: पुरुषोत्तम पंकज Performed By: येसुदास सब तिथियन का चन्द्रमा जो देखा चाहो आज धीरे-धीरे घूँघटा सरकावो सरताज चाँद जैसे मुखड़े पे बिन्दिया सितारा चाँद जैसे मुखड़े पे बिन्दिया सितारा नहीं भूलेगा मेरी जान ये सितारा वो सितारा माना तेरी नज़रों में मैं हूँ एक आवारा हो आवारा नहीं भूलेगा मेरी जान ये आवारा, वो आवारा सागर सागर मोती मिलते परबत परबत पारस तन मन ऐसे भीजे जैसे बरसे महुए का रस अरे कस्तूरी को खोजता फिरता है ये बंजारा, हो बंजारा नहीं भूलेगा मेरी जान ये बंजारा वो बंजारा चाँद जैसे मुखड़े पे बिन्दिया सितारा कजरारे चंचल नैनों में सूरज चाँद का डेरा रूप के इस पावन मन्दिर में हंसा करे बसेरा प्यासे गीतों की गंगा का तू ही है किनारा, हो किनारा नहीं भूलेगा मेरी जान ये किनारा वो किनारा चाँद जैसे मुखड़े पे...

दिल के टुकड़े - Dil Ke Tukde (Yesudas, Dada)

Movie/Album: दादा (1978) Music By: उषा खन्ना Lyrics By: कुलवंत जानी Performed By: येसुदास दिल के टुकड़े-टुकड़े कर के मुस्कुराते चल दिये जाते-जाते ये तो बता जा हम जियेंगे किसके लिये दिल के टुकड़े टुकड़े... चांद भी होगा, तारे भी होंगे दूर चमन में प्यारे भी होंगे लेकिन हमारा दिल न लगेगा भीगेगी जब-जब रात सुहानी आग लगाएगी रुत मस्तानी तू ही बता कोई कैसे जियेगा दिल के मारों को दिल के मालिक ठोकर लगा के चल दिये दिल के टुकड़े... रूठे रहेंगे आप जो हमसे मर जाएँगे हम भी कसम से सुन ले हाथ छुड़ाने से पहले जान हमारी नाम पे तेरी जाएगी इक दिन दिलबर मेरे सोच समझ ले जाने से पहले यूँ अगर तुम दिल की तमन्ना को मिटा के चल दिये दिल के टुकड़े...

लिख कर तेरा नाम - Likh Kar Tera Naam (Md.Rafi, Lata Mangeshkar, Laila Majnu)

Movie/Album: लैला मजनू (1976) Music By: मदन मोहन Lyrics By: साहिर लुधियानवी Performed By: मोहम्मद रफ़ी, लता मंगेशकर कहना इक दीवाना तेरी याद में आहें भरता है लिख कर तेरा नाम ज़मीं पर उसको सजदे करता है चाक-गिरेबाँ, खाक़-बसर फिरता है सूनी राहों में सायों को लिपटाता है और लैला लैला करता है लिख कर तेरा नाम... तेरी एक झलक की ख़ातिर जान आँखों में अटकी है जी का ऐसा हाल हुआ है जीता है न मरता है लिख कर तेरा नाम... ख़ुद को भूल गया है लेकिन तेरी याद नहीं भूला दिल के जितने ज़ख़्म हैं उनमें तेरा ही अक़्स उभरता है लिख कर तेरा नाम... कहना मेरे दीवाने से लैला तेरी अमानत है तेरी बाहों में दम देगी तू जिसका दम भरता है दिल के जितने ज़ख़्म हैं उनमें तेरा ही अक़्स उभरता है सदक़े जाऊँ इस क़ासिद पर जिससे ये पैग़ाम मिला मेरा क़ातिल मेरा मसीहा अब भी मुझ पर मरता है