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Showing posts with the label Lata Mangeshkar

अल्लाह तेरो नाम - Allah Tero Naam (Lata Mangeshkar, Hum Dono)

Movie/Album: हम दोनों (1961) Music By: जयदेव Lyrics By: साहिर लुधियानवी Performed By: लता मंगेशकर अल्लाह तेरो नाम ईश्वर तेरो नाम अल्लाह तेरो नाम ईश्वर तेरो नाम सबको सन्मति दे भगवान सबको सन्मति दे भगवान अल्लाह तेरो नाम मांगों का सिंदूर ना छूटे माँ-बहनों की आस ना टूटे देह बिना दाता, देह बिना भटके ना प्राण सबको सन्मति दे भगवान अल्लाह तेरो नाम ओ सारे जग के रखवाले निर्बल को बल देने वाले बलवानों को, बलवानों को दे दे ज्ञान सबको सन्मति दे भगवान अल्लाह तेरो नाम...

ज्योति कलश छलके - Jyoti Kalash Chhalke (Lata Mangeshkar, Bhabhi Ki Chudiyan)

Movie/Album: भाभी की चूड़ियाँ (1961) Music By: सुधीर फड़के Lyrics By: प.नरेन्द्र शर्मा Performed By: लता मंगेशकर ज्योति कलश छलके ज्योति कलश छलके हुए गुलाबी, लाल, सुनहरे रंग दल बादल के ज्योति कलश छलके घर आँगन वन उपवन-उपवन करती ज्योति अमृत के सींचन मंगल घट ढल के मंगल घट ढल के ज्योति कलश छलके अम्बर कुमकुम कण बरसाये फूल पाँखुरियाँ पर मुस्काये बिंदु तुहीन जल के बिंदु तुहीन जल के ज्योति कलश छलके पात-पात बिरवा हरियाला धरती का मुख हुआ उजाला सच सपने कल के सच सपने कल के ज्योति कलश छलके ऊषा ने आँचल फैलाया फैली सुख की शीतल छाया नीचे आँचल के नीचे आँचल के ज्योति कलश छलके ज्योति यशोदा धरती गैय्या नील गगन गोपाल कन्हैया ज्योति यशोदा धरती गैय्या नील गगन गोपाल कन्हैया श्यामल छवि झलके श्यामल छवि झलके ज्योति कलश छलके

तुम रूठी रहो - Tum Roothi Raho (Lata Mangeshkar, Mukesh, Aas Ka Panchhi)

Movie/Album: आस का पंछी (1961) Music By: शंकर-जयकिशन Lyrics By: हसरत जयपुरी Performed By: लता मंगेशकर, मुकेश तुम रूठी रहो मैं मनाता रहूँ के इन अदाओं पे और प्यार आता है थोड़े शिकवे भी हों कुछ शिकायत भी हों तो मज़ा जीने का और भी आता है हाय दिल को चुराकर ले गया मुँह छुपा लेना हम से वो आपका देखना वो बिगड़ कर फिर हमें और दाँतों में ऊँगली का दाबना ओ मुझे तेरी कसम ये ही समां मार गया इसी जलवे पे तेरे दोनों जहां हार गया तुम रूठी रहो... ये न समझो कि तुमसे दूर हूँ तेरे जीवन की प्यार भरी आस हूँ चाँद के संग जैसे है चाँदनी वैसे मैं भी तेरे दिल के पास हूँ हाय वो दिल ही नहीं जो न धड़कना जाने और दिलदार नहीं जो न तड़पना जाने थोड़े शिकवे भी हों... चाहे कोई डगर हो प्यार की ख़तम होगी ना तेरी-मेरी दास्तताँ दिल जलेगा तो होगी रोशनी तेरे दिल में बनाया मैंने आशियाँ ओ शरद पूनम की रंग भरी चाँदनी मेरी सब कुछ मेरी तक़दीर, मेरी ज़िन्दगी तुम रूठी रहो...

दिन सारा गुज़ारा - Din Saara Guzara (Md.Rafi, Lata Mangeshkar, Junglee)

Movie/Album: जंगली (1961) Music By: शंकर-जयकिशन Lyrics By: हसरत जयपुरी Performed By: मो.रफ़ी, लता मंगेशकर दिन सारा गुज़ारा तोरे अंगना अब जाने दे मुझे मोरे सजना मेरे यार शब्बा-ख़ैर मेरे यार शब्बा-ख़ैर हो मेरे यार शब्बा-ख़ैर मेरे यार शब्बा-ख़ैर आसान है जाना महफ़िल से कैसे जाओगे निकल कर दिल से मेरे यार शब्बा-ख़ैर मेरे यार शब्बा-ख़ैर हो मेरे यार शब्बा-ख़ैर मेरे यार शब्बा-ख़ैर ओ दिलबर दिल तो कहे तेरी राहों को रोक लूँ मैं आई बिरहा की रात अब बतला दे क्या करूँ मैं याद आयेंगी ये बातें तुम्हारी तड़पेगी मोहब्बत हमारी मेरे यार शब्बा-ख़ैर... मैं धरती तू आसमान मेरी हस्ती पे छा गया तू सीने के सुर्ख बाग में दिल बन के आ गया तू अब रहने दे निगाहों में मस्ती हो बसा ली मैंने ख्वाबों की बस्ती मेरे यार शब्बा-ख़ैर... ये चंचल ये हसीन रात हाय काश आज न आती हर दिन के बाद रात है इक दिन तो ठहर जाती कोई हमसे बिछड़ के न जाता जीना का मज़ा आ जाता मेरे यार शब्बा-ख़ैर...

काश्मीर की कली हूँ - Kaashmir Ki Kali Hoon (Lata Mangeshkar, Junglee)

Movie/Album: जंगली (1961) Music By: शंकर-जयकिशन Lyrics By: हसरत जयपुरी Performed By: लता मंगेशकर काश्मीर की कली हूँ मैं मुझसे ना रूठो बाबूजी मुरझा गयी तो फिर ना खिलूँगी कभी नहीं, कभी नहीं, कभी नहीं काश्मीर की कली... रंगत मेरी बहारों में दिल की आग चनारों में कुछ तो हमसे बात करो इन बहके गुलज़ारों में काश्मीर की कली... प्यार पे गुस्सा करते हो तेरा गुस्सा हमको प्यारा है यही अदा तो कातिल है जिसने हमको मारा है काश्मीर की कली...

जा जा जा मेरे बचपन - Ja Ja Ja Mere Bachpan (Lata Mangeshkar, Junglee)

Movie/Album: जंगली (1961) Music By: शंकर-जयकिशन Lyrics By: शैलेन्द्र Performed By: लता मंगेशकर जा जा जा मेरे बचपन कहीं जा के छुप नादाँ ये सफ़र है अब मुश्किल आने को है तूफाँ जा जा जा मेरे बचपन... ज़िन्दगी को नए रंग मिलने लगे एक किरण छू गयी फूल खिलने लगे जा जा जा मेरे बचपन... एक कसक हर घड़ी दिल में रहने लगी जो के तड़पा गयी फिर भी अच्छी लगी जा जा जा मेरे बचपन...

ढूँढो ढूँढो रे साजना - Dhoondo Dhoondo Re Saajna (Lata Mangeshkar, Ganga Jumna)

Movie/Album: गंगा जमुना (1961) Music By: नौशाद अली Lyrics By: शकील बदायुनी Performed By: लता मंगेशकर ढूँढो ढूँढो रे साजना ढूँढो रे साजना मोरे कान का बाला ढूँढो ढूँढो रे... मोरा बाला चंदा का जैसे हाला रे जामे लाले लाले हाँ जामे लाले लाले मोतियन की लटके माला मैं सोयी थी अपनी अटरिया ठगवा ने डाका डाला लुट गई निंदिया, गिर गई बिंदिया कानों से खुल गया बाला, बलम मोरा बाला चंदा का जैसे हाला रे जामे लाले लाले... बाला मोरा बालेपन का हो गई रे जा की चोरी ओ छैला तोरा मनवा मैला लागी नजरिया तोरी, बलम मोरा बाला चंदा का... बाला मोरा सजिया पे गिर गया ढूँढे रे मोरे नैना ना जानूँ पिया तूने चुराय लिया दैय्या रे कल की रैना, बलम मोरा बाला चंदा का...

एक शहनशाह ने बनवा के - Ek Shahenshah Ne Banwa Ke (Lata Mangeshkar, Md.Rafi, Leader)

Movie/Album: लीडर (1964) Music By: नौशाद अली Lyrics By: शकील बदायुनी Performed By: लता मंगेशकर, मो.रफ़ी एक शहनशाह ने बनवा के हसीं ताजमहल सारी दुनिया को मोहब्बत की निशानी दी है इसके साये में सदा प्यार के चर्चे होंगे ख़त्म जो हो ना सकेगी वो कहानी दी है एक शहनशाह ने बनवा के हसीं ताजमहल ताज वो शम्मा है उल्फत के सनम ख़ाने की जिसके परवानों में मुफ़लिस भी ज़रदार भी है संग-ए-मरमर में समाए हुए ख्वाबों की क़सम मरहले प्यार के आसान भी, दुश्वार भी है दिल को एक जोश इरादों को जवानी दी है एक शहनशाह ने बनवा के हसीं ताजमहल ताज इक ज़िंदा तसव्वुर है किसी शायिर का इसका अफ़साना हकीकत के सिवा कुछ भी नहीं इसके आगोश में आकर ये गुमाँ होता है ज़िन्दगी जैसे मुहब्बत के सिवा कुछ भी नहीं ताज ने प्यार की मौजों को रवानी दी है एक शहनशाह ने बनवा के हसीं ताजमहल ये हसीं रात ये महकी हुई पुरनूर फ़ज़ा हो इजाज़त तो ये दिल इश्क का इज़हार करे इश्क इंसान को इंसान बना देता है किसकी हिम्मत है मुहब्बत से जो इनकार करे आज तकदीर ने ये रात सुहानी दी है एक शहनशाह ने बनवा के...

न मिलता ग़म तो - Na Milta Gham To (Lata Mangeshkar, Amar)

Movie/Album: अमर (1954) Music By: नौशाद अली Lyrics By: शकील बदायुनी Performed By: लता मंगेशकर हो, तमन्ना लुट गई फिर भी तेरे दम से मोहब्बत है मुबारक ग़ैर को ख़ुशियाँ मुझे ग़म से मोहब्बत है न मिलता ग़म तो बरबादी के अफ़साने कहाँ जाते अगर दुनिया चमन होती तो वीराने कहाँ जाते चलो, अच्छा हुआ अपनों में कोई ग़ैर तो निकला अगर होते सभी अपने तो बेगाने कहाँ जाते... दुआएँ दो, मोहब्बत हमने मिटकर तुमको सिखला दी न जलती शम्मा महफ़िल में तो परवाने कहाँ जाते अगर दुनिया चमन... तुम्हीं ने ग़म की दौलत दी बड़ा एहसान फ़रमाया ज़माने भर के आगे हाथ फैलाने कहाँ जाते न मिलता ग़म तो...

जुर्म-ए-उल्फ़त पे हमें - Jurm-e-Ulfat Pe Hamein (Lata Mangeshkar, Taj Mahal)

Movie/Album: ताज महल (1963 ) Music By: रोशन Lyrics By: साहिर लुधियानवी Performed By: लता मंगेशकर जुर्म-ए-उल्फ़त पे हमें लोग सज़ा देते हैं कैसे नादान हैं, शोलों को हवा देते हैं कैसे नादान हैं हम से दीवाने कहीं तर्क-ए-वफ़ा करते हैं जान जाए कि रहे, बात निभा देते हैं जान जाए आप दौलत के तराज़ू में दिलों को तोलें हम मोहब्बत से मोहब्बत का सिला देते हैं हम मोहब्बत से तख़्त क्या चीज़ है और लाल-ओ-जवाहर क्या है इश्क़ वाले तो ख़ुदाई भी लुटा देते हैं इश्क़ वाले हमने दिल दे भी दिया, एहद-ए-वफ़ा ले भी लिया आप अब शौक़ से दे लें, जो सज़ा देते हैं जुर्म-ए-उल्फ़त पे हमें लोग सज़ा देते हैं

मिलती है ज़िन्दगी में - Milti Hai Zindagi Mein (Lata Mangeshkar, Ankhen)

Movie/Album: आँखें (1968) Music By: रवि Lyrics By: साहिर लुधियानवी Performed By: लता मंगेशकर मिलती है ज़िन्दगी में मोहब्बत कभी-कभी होती है दिलबरों की इनायत कभी-कभी शर्मा के मुँह ना फेर नज़र के सवाल पर लाती है ऐसे मोड़ पर किस्मत कभी-कभी मिलती है ज़िन्दगी में... खुलते नहीं हैं रोज़ दरीचे बहार के आती है जान-ए-मन ये क़यामत कभी-कभी मिलती है ज़िन्दगी में... तन्हा न कट सकेंगे जवानी के रास्ते पेश आएगी किसी की ज़रूरत कभी-कभी मिलती है ज़िन्दगी में... फिर खो न जाएँ हम कहीं दुनिया की भीड़ में मिलती है पास आने की मोहलत कभी-कभी मिलती है ज़िन्दगी में...

लिख कर तेरा नाम - Likh Kar Tera Naam (Md.Rafi, Lata Mangeshkar, Laila Majnu)

Movie/Album: लैला मजनू (1976) Music By: मदन मोहन Lyrics By: साहिर लुधियानवी Performed By: मोहम्मद रफ़ी, लता मंगेशकर कहना इक दीवाना तेरी याद में आहें भरता है लिख कर तेरा नाम ज़मीं पर उसको सजदे करता है चाक-गिरेबाँ, खाक़-बसर फिरता है सूनी राहों में सायों को लिपटाता है और लैला लैला करता है लिख कर तेरा नाम... तेरी एक झलक की ख़ातिर जान आँखों में अटकी है जी का ऐसा हाल हुआ है जीता है न मरता है लिख कर तेरा नाम... ख़ुद को भूल गया है लेकिन तेरी याद नहीं भूला दिल के जितने ज़ख़्म हैं उनमें तेरा ही अक़्स उभरता है लिख कर तेरा नाम... कहना मेरे दीवाने से लैला तेरी अमानत है तेरी बाहों में दम देगी तू जिसका दम भरता है दिल के जितने ज़ख़्म हैं उनमें तेरा ही अक़्स उभरता है सदक़े जाऊँ इस क़ासिद पर जिससे ये पैग़ाम मिला मेरा क़ातिल मेरा मसीहा अब भी मुझ पर मरता है