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सारे जहां से अच्छा - Saare Jahan Se Achchha (Sona Thakur, Apna Ghar)

Movie/Album: अपना घर (1960) Music By: रवि Lyrics By: अल्लामा इकबाल Performed By: सोना ठाकुर सारे जहां से अच्छा, हिन्दोस्ताँ हमारा हम बुलबुलें हैं इसकी, ये गुलिस्ताँ हमारा सारे जहां से अच्छा... परबत वो सबसे ऊँचा, हमसाया आसमाँ का वो संतरी हमारा, वो पासबाँ हमारा सारे जहां से अच्छा... गोदी में खेलती हैं, जिसकी हज़ारों नदियाँ गुलशन है जिसके दम से, रश्क-ए-जिनाँ हमारा सारे जहां से अच्छा... मज़हब नहीं सिखाता, आपस में बैर रखना हिन्दी हैं हम, वतन है, हिन्दोस्ताँ हमारा सारे जहां से अच्छा... अतिरिक्त ग़ुरबत में हों अगर हम, रहता है दिल वतन में समझो वहीं हमें भी, दिल हो जहाँ हमारा सारे जहां से अच्छा... ऐ आब-ए-रूद-ए-गंगा, वो दिन है याद तुझको उतरा तेरे किनारे, जब कारवाँ हमारा सारे जहां से अच्छा... यूनान-ओ-मिस्र-ओ-रोमा, सब मिट गए जहां से अब तक मगर है बाकी, नाम-ओ-निशाँ हमारा सारे जहां से अच्छा... कुछ बात है कि हस्ती मिटती नहीं हमारी सदियों रहा है दुश्मन, दौर-ए-जहां हमारा सारे जहां से अच्छा... 'इक़बाल' कोई महरम, अपना नहीं जहां में मालूम क्या किसी को, दर्द-ए-निहाँ हमारा सारे जहां से अच्छा...

लब पे आती है - Lab Pe Aati Hai (Siza Roy, Cry For Cry)

Movie/Album: क्राय फॉर क्राय (1970) Music By: जगजीत सिंह Lyrics By: अल्लामा इक़बाल Performed By: सिज़ा रॉय लब पे आती है दुआ बन के तमन्ना मेरी ज़िन्दगी शम्मा की सूरत हो ख़ुदाया मेरी लब पे आती है... हो मेरे दम से यूँ ही मेरे वतन की ज़ीनत जिस तरह फूल से होती है चमन की ज़ीनत ज़िन्दगी हो मेरी परवाने की सूरत या रब इल्म की शम्मा से हो मुझ को मोहब्बत या रब हो मेरा काम ग़रीबों की हिमायत करना दर्द-मंदों से, ज़ईफ़ों से, मोहब्बत करना मेरे अल्लाह बुराई से बचाना मुझको नेक जो राह हो उस रह पे चलाना मुझको मेरे अल्लाह बुराई...