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Showing posts with the label Hasrat Jaipuri

तुम रूठी रहो - Tum Roothi Raho (Lata Mangeshkar, Mukesh, Aas Ka Panchhi)

Movie/Album: आस का पंछी (1961) Music By: शंकर-जयकिशन Lyrics By: हसरत जयपुरी Performed By: लता मंगेशकर, मुकेश तुम रूठी रहो मैं मनाता रहूँ के इन अदाओं पे और प्यार आता है थोड़े शिकवे भी हों कुछ शिकायत भी हों तो मज़ा जीने का और भी आता है हाय दिल को चुराकर ले गया मुँह छुपा लेना हम से वो आपका देखना वो बिगड़ कर फिर हमें और दाँतों में ऊँगली का दाबना ओ मुझे तेरी कसम ये ही समां मार गया इसी जलवे पे तेरे दोनों जहां हार गया तुम रूठी रहो... ये न समझो कि तुमसे दूर हूँ तेरे जीवन की प्यार भरी आस हूँ चाँद के संग जैसे है चाँदनी वैसे मैं भी तेरे दिल के पास हूँ हाय वो दिल ही नहीं जो न धड़कना जाने और दिलदार नहीं जो न तड़पना जाने थोड़े शिकवे भी हों... चाहे कोई डगर हो प्यार की ख़तम होगी ना तेरी-मेरी दास्तताँ दिल जलेगा तो होगी रोशनी तेरे दिल में बनाया मैंने आशियाँ ओ शरद पूनम की रंग भरी चाँदनी मेरी सब कुछ मेरी तक़दीर, मेरी ज़िन्दगी तुम रूठी रहो...

दिल मेरा एक आस का - Dil Mera Ek Aas Ka (Subir Sen, Aas Ka Panchhi)

Movie/Album: आस का पंछी (1961) Music By: शंकर-जयकिशन Lyrics By: हसरत जयपुरी Performed By: सुबीर सेन दिल मेरा एक आस का पंछी उड़ता है ऊँचे गगन पर पहुँचेगा का एक दिन कभी तो चाँद की उजली जमीन पर दिल मेरा एक आस का पंछी... ये दुनिया है नौजवानों की ज़माना है नौजवानों का हवाएँ भी गुनगुनाती हैं तराना हम नौजवानों का बदलेगी इक दिन ये हस्ती चमकेगा एक दिन मुकद्दर आएगा झूमता सवेरा जीवन में रोशनी को लेकर दिल मेरा एक आस का पंछी... कभी मंज़िल भी मिल जाएगी अभी तो हर आस बाकी है उमीदों पर नौबहारें हैं जहाँ तक ये साँस बाकी है पूरी होगी हर तमन्ना छू लूँगा आसमाँ को बढ़कर चाहे तो रुक ना सकेगा दुनिया के रास्तों पे चलकर दिल मेरा एक...

दिन सारा गुज़ारा - Din Saara Guzara (Md.Rafi, Lata Mangeshkar, Junglee)

Movie/Album: जंगली (1961) Music By: शंकर-जयकिशन Lyrics By: हसरत जयपुरी Performed By: मो.रफ़ी, लता मंगेशकर दिन सारा गुज़ारा तोरे अंगना अब जाने दे मुझे मोरे सजना मेरे यार शब्बा-ख़ैर मेरे यार शब्बा-ख़ैर हो मेरे यार शब्बा-ख़ैर मेरे यार शब्बा-ख़ैर आसान है जाना महफ़िल से कैसे जाओगे निकल कर दिल से मेरे यार शब्बा-ख़ैर मेरे यार शब्बा-ख़ैर हो मेरे यार शब्बा-ख़ैर मेरे यार शब्बा-ख़ैर ओ दिलबर दिल तो कहे तेरी राहों को रोक लूँ मैं आई बिरहा की रात अब बतला दे क्या करूँ मैं याद आयेंगी ये बातें तुम्हारी तड़पेगी मोहब्बत हमारी मेरे यार शब्बा-ख़ैर... मैं धरती तू आसमान मेरी हस्ती पे छा गया तू सीने के सुर्ख बाग में दिल बन के आ गया तू अब रहने दे निगाहों में मस्ती हो बसा ली मैंने ख्वाबों की बस्ती मेरे यार शब्बा-ख़ैर... ये चंचल ये हसीन रात हाय काश आज न आती हर दिन के बाद रात है इक दिन तो ठहर जाती कोई हमसे बिछड़ के न जाता जीना का मज़ा आ जाता मेरे यार शब्बा-ख़ैर...

काश्मीर की कली हूँ - Kaashmir Ki Kali Hoon (Lata Mangeshkar, Junglee)

Movie/Album: जंगली (1961) Music By: शंकर-जयकिशन Lyrics By: हसरत जयपुरी Performed By: लता मंगेशकर काश्मीर की कली हूँ मैं मुझसे ना रूठो बाबूजी मुरझा गयी तो फिर ना खिलूँगी कभी नहीं, कभी नहीं, कभी नहीं काश्मीर की कली... रंगत मेरी बहारों में दिल की आग चनारों में कुछ तो हमसे बात करो इन बहके गुलज़ारों में काश्मीर की कली... प्यार पे गुस्सा करते हो तेरा गुस्सा हमको प्यारा है यही अदा तो कातिल है जिसने हमको मारा है काश्मीर की कली...

धीरे चल ऐ भीगी हवा - Dheere Chal Ae Bheegi Hawa (Md.Rafi, Boy Friend)

Movie/Album: बॉय फ्रेंड (1961) Music By: शंकर-जयकिशन Lyrics By: हसरत जयपुरी Performed By: मो.रफ़ी धीरे चल, धीरे चल, ऐ भीगी हवा के मेरे बुलबुल की है नींद जवाँ के कहीं लागे ना किसी की उसे बदनज़र के मीठे सपनों में खोई है वो बेख़बर के धीरे चल... चेहरा कहीं है, ज़ुल्फ़ें कहीं हैं होश कहाँ है भला इस बहार में, इस बहार में कलियों से कह दे, आज ना चिटके चंपाकली है सोयी इंतज़ार में, इंतज़ार में अरे हो, कितनी है दिलकशी छायी है बेख़ुदी हाय मेरी बेबसी के धीरे चल... प्यार का भँवरा कहता है तुझसे ऐसी फ़िज़ा में कोई रागनी न गा रागनी न गा नींद के सागर टूट न जाएँ मेरी क़सम तुझे शोर न मचा शोर न मचा अरे हो बादल बड़े बड़े पहरे पे हैं खड़े दिल भी तो क्या करे के धीरे चल... मौजें रुकी हैं, शाखें झुकी हैं कैसे सुनाए कोई दिल के साज़ को दिल के साज़ को जब वो जगेगी, किस्मत जगेगी फिर मैं कहूँगा मेरे दिल के राज़ को दिल के राज़ को अरे हो आकाश चूम लूँगा बिन पीये झूम लूँगा दिल उसे नज़र दूँगा के धीरे चल...