एक टुकड़ा धूप - Ek Tukda Dhoop (Raghav Chaitanya, Thappad)

Movie/Album: थप्पड़ (2020)
Music By: अनुराग सैकिया
Lyrics By: शकील आज़मी
Performed By: राघव चैतन्य

टूट के हम दोनों में
जो बचा वो कम सा है
एक टुकड़ा धूप का
अंदर-अंदर नम सा है
एक धागे में है उलझे यूँ
के बुनते-बुनते खुल गए
हम थे लिखे दीवार पे
बारिश हुई और धुल गए
टूट के हम दोनों में...

टूटे फूटे ख्वाबों की हाय
दुनिया में रहना क्या
झूठे-मूठे वादों की हाय
लहरों में बहना क्या
हो दिल ने दिल में ठाना है
खुद को फिर से पाना है
दिल के ही साथ में जाना है
टूट के हम दोनों में...

सोचो ज़रा क्या थे हम हाय
क्या से क्या हो गए
हिज्र वाली रातों की हाय
कब्रो में सो गए
हो तुम हमारे जितने थे
सच कहो क्या उतने थे
जाने दो मत कहो कितने थे
रास्ता हम दोनों में
जो बचा वो कम सा है
एक टुकड़ा धूप का
अंदर-अंदर नम सा है
टूट के हम दोनों में...

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